000 01145nam a22001937a 4500
008 180308b xxu||||| |||| 00| 0 hin d
020 _aNA
082 _a294.543 2 POD
100 _aपोद्दार, हनुमानप्रसाद
245 _aनारी-शिक्षा (Nari siksha)
250 _a64th ed.
260 _aGorakhpur
_bGitapress
_cसंवत 2070
300 _a142p.
_bPB
500 _aDevotional--नारी-जाति के सर्वांगीण विकास के लिये स्त्रियों के कर्तव्य, भारतीय नारी का स्वरूप, बच्चों का जीवन-निर्माण, पातिव्रत्य धर्म, हिन्दू- शास्त्रों में नारी का स्थान इत्यादि अनेक महत्त्वपूर्ण विषयों पर श्री भाईजी-कृत एक उपदेशपूर्ण विवेचन।
650 _aMythology
650 _aReligion
942 _2ddc
_cLIT--F/ NF
999 _c6215
_d6215
041 _hhin