सत्संग के बिखरे मोती (Sansang ke bikhre Moti)
- 35th
- Gorakhpur Gitapress संवत 2071
- 206 p. PB
Devotional--इस पुस्तक में भाईजी श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार के द्वारा प्रणीत भक्ति, वैराग्य, सदाचार, सन्त-महिमा, भगवत्प्रेम-सम्बन्धी सूक्तियों का संकलन किया गया है।